Thursday, April 23, 2020

प्रधानमंत्री जी (श्री नरेंद्र मोदी जी) की दिनचर्या


प्रधान मंत्री मोदी जी की दिनचर्या

सबेरे 4:45 जागना:
–आपका सोने का समय जो कुछ भी हो, पर जागने का समय निश्चित 4:45 है।
—प्रति दिन सबेरे आप 30 मिनट शौच-स्नान इत्यादि में लगाते हैं।
साथ साथ प्रमुख समाचारों को भी देख लेते हैं।
—पश्चात 30 मिनट ( योगासन ) व्यायाम करते हैं।
—–एवं गत दिवस के संसार के समाचारों का चयन, और भारत के और भाजप के समाचारों की (चयनित ) ध्वनि मुद्रिका  (रिकार्डिंग) सुनते हैं।
—–उपरान्त मंदिर में बैठ 10 मिनट ध्यान करते हैं।
—–फिर एक कप चाय लेते हैं। साथ कोई अल्पाहार (नाश्ता) नहीं लेते।
—–6:15 बजे एक शासकीय विभाग आप के बैठक कक्ष में प्रस्तुति के लिए सज्ज रहता है। उनकी प्रस्तुति होती है।

—–7 से 9 आई हुयी सारी  संचिकाएँ  (फाइलों) देख लेते हैं।
——और आप की माता जी से दूरभाष (फोन)पर बात होती है। कुशल- क्षेम -स्वास्थ्य समाचार पूछते हैं।
{लेखक: *भारत का प्रधान मंत्री अपनी माँ के लिए समय निकालता है। क्या, हम भी ऐसा समय निकाल पाते हैं? या हम प्रधान मंत्री जी से अधिक व्यस्त हैं?*}

अल्पाहार:
—-9 बजे गाजर और अन्य शाक-फल इत्यादि का अल्पाहार होता है।
साथ निम्न विधि से बना हुआ पंचामृत (पेय) पीते हैं। {पंचामृत विधि: 20 मिलिलिटर मधु, 10 मिलिलिटर देशी गौ का घी,  पुदिना, तुलसी, और नीम की कोमल पत्तियों का रस )

कार्यालय
—–9:15 पर कार्यालय पहुंच कर महत्वपूर्ण बैठकें करते हैं।

भोजन
—-दुपहर भोजन में पाँच वस्तुएं होती है। (गुजराती रोटी, शाक, दाल, सलाद, छाछ)
—–संध्या को चार बजे बिना दूध की नीबू वाली चाय पीते हैं।
—–और  6 बजे खिचडी और दूध का भोजन.
—–रात्रि के 9 बजे देशी गौ का दूध एक गिलास, सोंठ (अद्रक का चूर्ण) डालकर।
—–मुखवास में, नीबू, काली मिर्च, और भूँजी हुयी अजवाइन (जिससे वायु नही होता) का मिश्रण।
घूमना:
—–9 से  9:30 घूमना, साथ एक विषय के जानकार, चर्चा करते हुए  साथ घूमते हैं।
—–9:30 से 10:00 सामाजिक  संचार माध्यम (Social Media), साथ  साथ चुने हुए पत्रों के उत्तर देते हैं।
विशेष:
नरेंद्र भाई ने जीवन में कभी बना बनाया, पूर्वपक्व आहार  (Fast Food), नहीं खाया, न बना बनाया पेय(soft drink) पिया है।
—–भारत के 400 जिलों का प्रवास आप ने किया हुआ है।
—–जब गुजरात से दिल्ली गए, तो दो ही वस्तुएँ साथ ले गए। कपडे और पुस्तकें। (लेखक की जानकारी है, कि,उन्हें स्वभावतः कपडों की विशेष रूचि है।)वे एक  कपडों से भरी, और 6 पुस्तकों से भरी (अलमारियाँ)धानियाँ,  ले गए।
——सतत प्रवास में आप रात को किसी संत के साथ आश्रम में, या किसी छोटे कार्यकर्ता के घर रूकते थे। होटल में कभी नहीं।
—–वडनगर वाचनालय की सारी पुस्तकें आपने पढी थी।
—–किसी प्रसंग विशेष पर आप निजी उपहार में, पुस्तक ही देते थे। गत एक दशक में नव विवाहितों को “सिंह पुरुष” पुस्तक उपहार में देते थे। अब भारत के प्रधान मंत्री के नाते “भगवदगीता उपहार में देते है।
—–वे ब्रश से नहीं पर करंज का दातुन करते हैं।
—–आप की रसोई में नमक नहीं, पर सैंधव नमक का प्रयोग होता है।
—–प्रवास के समयावधि में  संचिकाएँ (फाइलें), और चर्चा करने वाले मंत्री साथ होते हैं।
—–64 वर्ष की आयु में आप सीढी पर कठडे़ का आश्रय नहीं  लेते।
—–एक दिन में आपने,19 तक, सभाएँ की है।
—–आँख त्रिफला के पानी  से धोते हैं।( त्रिफला: हरडे, आँवला, बेहडा-रात को भीगो कर सबेरे उस का पानी)
—–गुजरात में मुख्य मंत्री थे तब, एक बार स्वाईन फ्लू और एक बार दाढ की पीडा के समय आप को डॉक्टर की आवश्यकता पडी थी।
—–प्रधान मंत्री पद पर आने के पश्चात भी गुजरात के भाजपा के कार्यकर्ताओं को दुःखद प्रसंग पर सांत्वना देने के लिए अवश्य दूरभाष करते हैं। (बडे बनने पर भूले नहीं है)
—– आप की निजी सेवा में नियुक्त सभी कर्मचारियों की संतानों की शिक्षा एवं विशेष प्रवृत्तियों के विषय में आप जानकारी रखते हैं। और पूछ ताछ करते रहते हैं!                                                                         धन्य हैं हम...... जिन्हें ऐसे व्यक्तित्व की छत्रछाया मिली...                                 मैं तो कृतग्य हूँ...!
🙏🙏🙏🙏🙏

*मेरे पास आया मैने पढ कर अच्छा 🙏💐😊समझा तो आप सबको भी भेज दिया आप सबको भी जो अच्छा लगे मान ले और जो बुरा लगे उसे छोड दे ।*💐😊🙏

जय हिन्द जय भारत

कुछ 100 जानकारी जिसका ज्ञान सबको होना चाहिए


1. योग, भोग और रोग ये तीन अवस्थाएं है।
2. *लकवा* - सोडियम की कमी के कारण होता है।
3. *हाई बी पी में* -  स्नान व सोने से पूर्व एक गिलास जल का सेवन करें तथा स्नान करते समय थोड़ा सा नमक पानी मे डालकर स्नान करे।
4. *लो बी पी* - सेंधा नमक डालकर पानी पीयें।
5. *कूबड़ निकलना* - फास्फोरस की कमी।
6. *कफ* - फास्फोरस की कमी से कफ बिगड़ता है, फास्फोरस की पूर्ति हेतु आर्सेनिक की उपस्थिति जरुरी है। गुड व शहद खाएं।
7. *दमा, अस्थमा* - सल्फर की कमी।
8. *सिजेरियन आपरेशन* - आयरन, कैल्शियम की कमी।
9. *सभी क्षारीय वस्तुएं दिन डूबने के बाद खायें।*
10. *अम्लीय वस्तुएं व फल दिन डूबने से पहले खायें।*
11. *जम्भाई* - शरीर में आक्सीजन की कमी।
12. *जुकाम* - जो प्रातः काल जूस पीते हैं वो उस में काला नमक व अदरक डालकर पियें।
13. *ताम्बे का पानी* - प्रातः खड़े होकर नंगे पाँव पानी ना पियें।
14. *किडनी* - भूलकर भी खड़े होकर गिलास का पानी ना पिये।
15. *गिलास* एक रेखीय होता है तथा इसका सर्फेसटेन्स अधिक होता है। गिलास अंग्रेजो (पुर्तगाल) की सभ्यता से आयी है अतः लोटे का पानी पियें, लोटे का कम सर्फेसटेन्स होता है।
16. *अस्थमा, मधुमेह, कैंसर* से गहरे रंग की वनस्पतियाँ बचाती हैं।
17. *वास्तु* के अनुसार जिस घर में जितना खुला स्थान होगा उस घर के लोगों का दिमाग व हृदय भी उतना ही खुला होगा।
18. *परम्परायें* वहीँ विकसित होगीं जहाँ जलवायु के अनुसार व्यवस्थायें विकसित होगीं।
19. *पथरी* - अर्जुन की छाल से पथरी की समस्यायें ना के बराबर है।
20. *RO* का पानी कभी ना पियें, यह गुणवत्ता को स्थिर नहीं रखता। कुएँ का पानी पियें। बारिस का पानी सबसे अच्छा, पानी की सफाई के लिए *सहिजन* की फली सबसे बेहतर है।
21. *सोकर उठते समय* हमेशा दायीं करवट से उठें या जिधर का *स्वर* चल रहा हो उधर करवट लेकर उठें।
22. *पेट के बल सोने से* हर्निया, प्रोस्टेट, एपेंडिक्स की समस्या आती है।
23. *भोजन* के लिए पूर्व दिशा, *पढाई* के लिए उत्तर दिशा बेहतर है।
24. *HDL* बढ़ने से मोटापा कम होगा LDL व VLDL कम होगा।
25. *गैस की समस्या* होने पर भोजन में अजवाइन मिलाना शुरू कर दें।
26. *चीनी* के अन्दर सल्फर होता जो कि पटाखों में प्रयोग होता है, यह शरीर में जाने के बाद बाहर नहीं निकलता है। चीनी खाने से *पित्त* बढ़ता है। 
27. *शुक्रोज* हजम नहीं होता है *फ्रेक्टोज* हजम होता है और भगवान् की हर मीठी चीज में फ्रेक्टोज है।
28. *वात* के असर में नींद कम आती है।
29. *कफ* के प्रभाव में व्यक्ति प्रेम अधिक करता है।
30. *कफ* के असर में पढाई कम होती है।
31. *पित्त* के असर में पढाई अधिक होती है।
33. *आँखों के रोग* - कैट्रेक्टस, मोतियाविन्द, ग्लूकोमा, आँखों का लाल होना आदि ज्यादातर रोग कफ के कारण होता है।
34. *शाम को वात*-नाशक चीजें खानी चाहिए।
35. *प्रातः 4 बजे जाग जाना चाहिए।*
36. *सोते समय* रक्त दवाव सामान्य या सामान्य से कम होता है।
37. *व्यायाम* - *वात रोगियों* के लिए मालिश के बाद व्यायाम, *पित्त वालों* को व्यायाम के बाद मालिश करनी चाहिए। *कफ के लोगों* को स्नान के बाद मालिश करनी चाहिए।
38. *भारत की जलवायु* वात प्रकृति की है, दौड़ की बजाय सूर्य नमस्कार करना चाहिए।
39. *जो माताएं* घरेलू कार्य करती हैं उनके लिए व्यायाम जरुरी नहीं।
40. *निद्रा* से *पित्त* शांत होता है, मालिश से *वायु* शांति होती है, उल्टी से *कफ* शांत होता है तथा *उपवास* (लंघन) से बुखार शांत होता है।
41. *भारी वस्तुयें* शरीर का रक्तदाब बढाती है, क्योंकि उनका गुरुत्व अधिक होता है।
42. *दुनियां के महान* वैज्ञानिक का स्कूली शिक्षा का सफ़र अच्छा नहीं रहा, चाहे वह 8 वीं फेल न्यूटन हों या 9 वीं फेल आइस्टीन हों।
43. *माँस खाने वालों* के शरीर से अम्ल-स्राव करने वाली ग्रंथियाँ प्रभावित होती हैं।
44. *तेल हमेशा* गाढ़ा खाना चाहिएं सिर्फ लकडी वाली घाणी का, दूध हमेशा पतला पीना चाहिए।
45. *छिलके वाली दाल-सब्जियों से कोलेस्ट्रोल हमेशा घटता है।* 
46. *कोलेस्ट्रोल की बढ़ी* हुई स्थिति में इन्सुलिन खून में नहीं जा पाता है। ब्लड शुगर का सम्बन्ध ग्लूकोस के साथ नहीं अपितु कोलेस्ट्रोल के साथ है।
47. *मिर्गी दौरे* में अमोनिया या चूने की गंध सूँघानी चाहिए। 
48. *सिरदर्द* में एक चुटकी नौसादर व अदरक का रस रोगी को सुंघायें।
49. *भोजन के पहले* मीठा खाने से, बाद में खट्टा खाने से शुगर नहीं होता है।
50. *भोजन* के आधे घंटे पहले सलाद खाएं उसके बाद भोजन करें। 
51. *अवसाद* में आयरन, कैल्शियम, फास्फोरस की कमी हो जाती है। फास्फोरस गुड और अमरुद में अधिक है। 
52. *पीले केले* में आयरन कम और कैल्शियम अधिक होता है। हरे केले में कैल्शियम थोडा कम लेकिन फास्फोरस ज्यादा होता है तथा लाल केले में कैल्शियम कम आयरन ज्यादा होता है। हर हरी चीज में भरपूर फास्फोरस होती है, वही हरी चीज पकने के बाद पीली हो जाती है जिसमे कैल्शियम अधिक होता है।
53. *छोटे केले* में बड़े केले से ज्यादा कैल्शियम होता है।
54. *रसौली* की गलाने वाली सारी दवाएँ चूने से बनती हैं।
55. हेपेटाइट्स A से E तक के लिए चूना बेहतर है।
56. *एंटी टिटनेस* के लिए हाईपेरियम 200 की दो-दो बूंद 10-10 मिनट पर तीन बार दे।
57. *ऐसी चोट* जिसमे खून जम गया हो उसके लिए नैट्रमसल्फ दो-दो बूंद 10-10 मिनट पर तीन बार दें। बच्चो को एक बूंद पानी में डालकर दें।
58. *मोटे लोगों में कैल्शियम* की कमी होती है अतः त्रिफला दें। त्रिकूट (सोंठ + कालीमिर्च + मघा पीपली) भी दे सकते हैं।
59. *अस्थमा में नारियल दें।* नारियल फल होते हुए भी क्षारीय है। दालचीनी + गुड + नारियल दें।
60. *चूना* बालों को मजबूत करता है तथा आँखों की रोशनी बढाता है।
61. *दूध* का सर्फेसटेंसेज कम होने से त्वचा का कचरा बाहर निकाल देता है।
62. *गाय का घी सबसे अधिक पित्तनाशक फिर कफ व वायुनाशक है।*
63. *जिस भोजन* में सूर्य का प्रकाश व हवा का स्पर्श ना हो उसे नहीं खाना चाहिए।
64. *गौ-मूत्र अर्क आँखों में ना डालें।*
65. *गाय के दूध* में घी मिलाकर देने से कफ की संभावना कम होती है, लेकिन चीनी मिलाकर देने से कफ बढ़ता है।
66. *मासिक के दौरान* वायु बढ़ जाता है, 3-4 दिन स्त्रियों को उल्टा सोना चाहिए इससे गर्भाशय फैलने का खतरा नहीं रहता है। दर्द की स्थति में गर्म पानी में देशी घी दो चम्मच डालकर पियें।
67. *रात* में आलू खाने से वजन बढ़ता है।
68. *भोजन के* बाद बज्रासन में बैठने से *वात* नियंत्रित होता है।
69. *भोजन* के बाद कंघी करें कंघी करते समय आपके बालों में कंघी के दांत चुभने चाहिए। बाल जल्द सफ़ेद नहीं होगा।
70. *अजवाईन* अपान वायु को बढ़ा देता है जिससे पेट की समस्यायें कम होती है।
71. *अगर पेट* में मल बंध गया है तो अदरक का रस या सोंठ का प्रयोग करें।
72. *कब्ज* होने की अवस्था में सुबह पानी पीकर कुछ देर एडियों के बल चलना चाहिए। 
73. *रास्ता चलने*, श्रम कार्य के बाद थकने पर या धातु गर्म होने पर दायीं करवट लेटना चाहिए।
74. *जो दिन मे दायीं करवट लेता है तथा रात्रि में बायीं करवट लेता है उसे थकान व शारीरिक पीड़ा कम होती है।* 
75. *बिना कैल्शियम* की उपस्थिति के कोई भी विटामिन व पोषक तत्व पूर्ण कार्य नहीं करते है।
76. *स्वस्थ्य व्यक्ति* सिर्फ 5 मिनट शौच में लगाता है।
77. *भोजन* करते समय डकार आपके भोजन को पूर्ण और हाजमे को संतुष्टि का संकेत है।
78. *सुबह के नाश्ते* में फल, *दोपहर को दही* व *रात्रि को दूध* का सेवन करना चाहिए।
79. *रात्रि* को कभी भी अधिक प्रोटीन वाली वस्तुयें नहीं खानी चाहिए। जैसे - दाल, पनीर, राजमा, लोबिया आदि।
80. *शौच और भोजन* के समय मुंह बंद रखें, भोजन के समय टीवी ना देखें।
81. *मासिक चक्र* के दौरान स्त्री को ठंडे पानी से स्नान, व आग से दूर रहना चाहिए।
82. *जो बीमारी जितनी देर से आती है, वह उतनी देर से जाती भी है।*
83. *जो बीमारी अंदर से आती है, उसका समाधान भी अंदर से ही होना चाहिए।*
84. *एलोपैथी* ने एक ही चीज दी है, दर्द से राहत। आज एलोपैथी की दवाओं के कारण ही लोगों की किडनी, लीवर, आतें, हृदय ख़राब हो रहे हैं। एलोपैथी एक बिमारी खत्म करती है तो दस बिमारी देकर भी जाती है।
85. *खाने* की वस्तु में कभी भी ऊपर से नमक नहीं डालना चाहिए, ब्लड-प्रेशर बढ़ता है।
86. *रंगों द्वारा* चिकित्सा करने के लिए इंद्रधनुष को समझ लें, पहले जामुनी, फिर नीला... अंत में लाल रंग।
87. *छोटे* बच्चों को सबसे अधिक सोना चाहिए, क्योंकि उनमें वह कफ प्रवृति होती है, स्त्री को भी पुरुष से अधिक विश्राम करना चाहिए।
88. *जो सूर्य निकलने* के बाद उठते हैं, उन्हें पेट की भयंकर बीमारियां होती है, क्योंकि बड़ी आँत मल को चूसने लगती है।
89. *बिना शरीर की गंदगी* निकाले स्वास्थ्य शरीर की कल्पना निरर्थक है, मल-मूत्र से 5%, कार्बन डाई ऑक्साइड छोड़ने से 22%, तथा पसीना निकलने लगभग 70% शरीर से विजातीय तत्व निकलते हैं।
90. *चिंता, क्रोध, ईर्ष्या करने से गलत हार्मोन्स का निर्माण होता है जिससे कब्ज, बबासीर, अजीर्ण, अपच, रक्तचाप, थायरायड की समस्या उतपन्न होती है।* 
91. *गर्मियों में बेल, गुलकंद, तरबूजा, खरबूजा व सर्दियों में सफ़ेद मूसली, सोंठ का प्रयोग करें।*
92. *प्रसव* के बाद माँ का पीला दूध बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता को 10 गुना बढ़ा देता है। बच्चो को टीके लगाने की आवश्यकता नहीं होती है।
93. *रात को सोते समय* सर्दियों में देशी मधु लगाकर सोयें, त्वचा में निखार आएगा। 
94. *दुनिया में कोई चीज व्यर्थ नहीं, हमें उपयोग करना आना चाहिए।*
95. *जो अपने दुखों* को दूर करके दूसरों के भी दुःखों को दूर करता है, वही मोक्ष का अधिकारी है।
96. *सोने से* आधे घंटे पूर्व जल का सेवन करने से वायु नियंत्रित होती है, लकवा, हार्ट-अटैक का खतरा कम होता है।
97. *स्नान से पूर्व और भोजन के बाद पेशाब जाने से रक्तचाप नियंत्रित होता है।*
98. *तेज धूप* में चलने के बाद, शारीरिक श्रम करने के बाद, शौच से आने के तुरंत बाद जल का सेवन निषिद्ध है।
99. *त्रिफला अमृत है* जिससे *वात, पित्त, कफ* तीनो शांत होते हैं। इसके अतिरिक्त भोजन के बाद पान व चूना।  देशी गाय का घी, गौ-मूत्र भी त्रिदोष नाशक है।
100. इस विश्व की सबसे मँहगी *दवा - लार* है, जो प्रकृति ने तुम्हें अनमोल दी है, इसे ना थूके।  मेरी पुस्तक से संग्रहित, पढ़ने के बाद साझा अवश्य करें*

Saturday, March 28, 2020

Indian Railway isolation coaches

एक मासूम बेटी की सच्ची कहानी जिसने मेरा जीवन बदल दिया।


मैं यति नरसिंहानंद सरस्वती डासना देवी मन्दिर का महंत हूँ।आज आप लोगो को वो कहानी सुनाना चाहता हूँ जिसने मुझे हिन्दू बनाया।

मेरे जैसे लोगो की कहानिया कभी पूरी नहीँ होती क्योंकि जीवन हम जैसो के लिए बहुत क्रूर होता है।मेरी बहुत इच्छा है कुछ किताबे लिखने की पर शायद ये कभी नहीँ हो सकेगा क्योंकि हमारे क्षेत्र के मुसलमानो ने जीवन को एक नर्क में परिवर्तित कर दिया है जिससे निकालने की संभावना केवल मृत्यु में है और किसी में नहीँ है।मैं धन्यवाद देता हूँ सोशल मीडिया को जिसने अपनी बात रखने के लिये मुझ जैसो को एक मंच दिया है और मैं अपने दर्द को आप लोगो तक पहुँचा पाता हूँ।आज मैं आपको अपने जीवन की वो घटना बताना चाहता हूँ जिसने मेरे जीवन को बदल दिया था।ये एक लड़की की दर्दनाक और सच्ची कहानी है जिसने बाद में शायद आत्महत्या कर ली थी।इस घटना ने मेरे जीवन पर इतना गहरा प्रभाव डाला की मेरा सब कुछ बदल दिया बल्कि मैं सच कहू तो मुझे ही बदल दिया।

बात 1997 की है,जब मैं विदेश से वापस अपने देश आया था।मैं कुछ बड़ा करना चाहता था और इसके लिये मुझे लगा की मुझे राजनीति करनी चाहिए।मेरा जन्म एक उच्च मध्यम वर्गीय किसान परिवार में हुआ था और मेरे बाबा जी आजादी से पहले बुलंदशहर जिले के कांग्रेस के पदाधिकारी थे और उन बहुत कम लोगों में से थे जिन्होंने पेंशन नहीँ ली आजादी के बाद स्वतंत्रता सेनानी के रूप में।मेरे पिताजी केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों की यूनियन के एक राष्ट्रीय स्तर के नेता थे।मेरा जन्म क्योंकि एक त्यागी परिवार में हुआ तो मुझे बाहुबल की राजनीति पसंद थी और मेरे कुछ जानने वालो ने मुझे समाजवादी पार्टी की युथ ब्रिगेड का जिलाध्यक्ष भी बनवा दिया था।जैसा की राजनीति में सभी करते हैं, मैंने भी अपने बिरादरी के लोगो का एक गुट बनाया और कुछ त्यागी सम्मेलन आयोजित किये।
बहुत से त्यागी मेरे साथ हो गए और मुझे एक युवा नेता के तौर पर पहचाना जाने लगा।बाबा जी कांग्रेसी,पिता यूनियन लीडर और खुद समाजवादी पार्टी का नेता इसका मतलब है की हिंदुत्व के किसी भी विचार से कुछ भी लेना देना नहीँ था मेरा और वैसे भी पूरी जवानी विदेश में रहा और पढ़ा तो धार्मिक बातो को केवल अन्धविश्वास और ढोंग समझता था।मेरठ में रहने के कारण,विदेश में पढ़ने के कारण और अपनी सामजिक व राजनैतिक पृष्ठभूमि के कारण बहुत सारे मुसलमान मेरे दोस्त थे।

एक दिन अचानक मैं बीजेपी के संस्थापक सदस्यों में से एक,दिल्ली बीजेपी के भीष्म पितामह पूर्व सांसद श्री बैकुंठ लाल शर्मा"प्रेम"जी से मिला जिन्होंने तभी संसद की सदस्यता से इस्तीफा देकर हिंदुत्व जागरण का काम शुरू किया था।उन्होंने मुझे मुसलमानों के अत्याचार की ऐसी ऐसी कहानिया बताई की मेरा दिमाग घूम गया पर मुझे विश्वास नहीँ हुआ।तभी एक घटना मेरे साथ घटी।

मेरा अपना कार्यालय गाज़ियाबाद के शम्भू दयाल डिग्री कॉलेज के सामने था।उसी कॉलेज में पढ़ने वाली मेरी बिरादरी मतलब त्यागी परिवार की लड़की मेरे पास आई और उसने मुझसे कहा की उसे मुझसे कुछ काम है।जब मैंने उससे काम पूछा तो वो बोली की वो मुझे अकेले में बताएगी।मैंने अपने साथ बैठे लोगो को बाहर जाने को कहा।जब सब चले गए तो अचानक वो बच्ची रोने लगी और लगभग आधा घण्टा वो रोती ही रही।मैंने उसे पानी पिलाने की कोशिश की तो उसने पानी भी नहीँ पिया और उठ कर वहाँ से चली गयी।मुझे बहुत आश्चर्य हुआ।मैंने इस तरह किसी अनजान महिला को रोते हुए नहीँ देखा था।उस बच्ची का चेहरा बहुत मासूम का था और मुझे वो बहुत अपनी सी लगी।मुझे ऐसा लगा की कुछ मेरा उसका रिश्ता है।वो चली भी गयी पर मेरे दिमाग में रह गयी।कुछ दिन बाद मैं उसे लगभग भूल गया की अचानक वो फिर आई और उसने मुझसे कहा की वो मुझसे बात करना चाहती है।मैंने फिर अपने साथियों को बाहर भेजा और उसको बात बताने को कहा।उसने बात बताने की कोशिश की परन्तु वो फिर रोने लगी और उसका रोना इतना दारुण था की मुझ जैसे जल्लाद की भी आँखे भर आई,मैंने उसके लिये पानी मंगवाया और चाय मंगवाई।धीरे धीरे वो नॉर्मल हुयी और उसने मुझे बताया की एक साल पहले उसकी दोस्ती उसीकी क्लास की एक मुस्लिम लड़की से हो गयी थी जिसने उसकी दोस्ती एक मुस्लिम लड़के से करा दी।उन दोनों ने मिलकर उसके कुछ फोटो ले लिये थे और पुरे कॉलेज के जितने भी मुस्लिम लड़के थे उन सबके साथ उसको सम्बन्ध बनाने पड़े।अब हालत ये हो गयी थी की वो लोग उसका प्रयोग कॉलेज के प्रोफेसर्स को,अधिकारियो को,नेताओ को और शहर के गुंडों को खुश करने के लिये करते थे और इस तरह की वो अकेली लड़की नही थी बल्कि उसके जैसी पचासों लड़कियां उन लोगो के चंगुल में फसी हुयी थी।इसमें सबसे खास बात ये थी जो उसने मुझसे बताई की सारे मुस्लिम लड़के लड़कियां एकदम मिले हुए थे और बहुत से हिन्दू लड़के भी अपने अपने लालच में उनके साथ थे और सबका शिकार हिन्दू लड़कियां ही थी।मुझे बहुत आश्चर्य हुआ इन बातो को सुनकर।मैंने उससे पूछा की तुम ये बात मुझे क्यों बता रही हो तो उसने मुझसे जो कहा वो मैं कभी भूल नहीँ सकता।
उसने मुझसे कहा की वो सारे मुसलमान हमेशा मेरे साथ दिखाई पड़ते हैं।एक तरफ तो मैं त्यागियों के उत्थान की बात करता हूँ और दूसरी तरफ ऐसे लोगों के साथ रहता हूँ जो इस तरह से बहन बेटियो को बर्बाद कर रहे हैं।उसने कहा की उसकी बर्बादी के जिम्मेदार मेरे जैसे लोग हैं, मुझे ये बात बहुत बुरी लगी।मैंने कहा की मुझे तो इन बातो का पता ही नहीँ है तो उसने कहा की ऐसा नहीँ हो सकता।ये मुसलमान किसी के पास लड़कियां भेजते हैं, किसी को मीट खिलाते हैं और किसी को पैसा देते हैं,मुझे भी कुछ तो मिलता ही होगा।उसकी बातो ने मुझे अंदर तक झकझोर कर रख दिया था।

उसके आंसू मेरी सहनशक्ति से बाहर हो चुके थे।

उसने मुझसे कहा की मैं यदि सारे त्यागियों को अपना भाई बताता हूँ तो वो इस रिश्ते से मेरी बहन हुयी।उसने मुझसे कहा की एक दिन मेरी भी बेटी होगी और उसे भी डिग्री कॉलेज में जाना पड़ेगा और तब भी मुसलमान भेड़ियों की आँखे मेरी बेटी पर होगी।

मैंने कहा की इसमें हिन्दू मुसलमान की क्या बात है तो उसने कहा की ये भी जिहाद है।मैंने जिहाद शब्द उस दिन पहली बार सुना था।वो बच्ची मुसलमान लड़कियो में रहकर उनको अच्छी तरह समझ चुकी थी।उसने मुझे जिहाद का मतलब बताया।मैंने उस बच्ची का हाथ अपने हाथ में लिया और बहुत मुश्किल से कहा की इतना अन्याय होने के लिये बेटी का होना जरूरी नहीँ है बल्कि मेरी बेटी के साथ ये हो चूका है,आखिर तुम भी तो मेरी बेटी हो।वो बच्ची ये सुनकर बहुत जोर से रोई और धीरे से वहाँ से चली गयी।

वो चली गयी,मैं बैठ गया।मन के अंदर बहुत कुछ मर गया पर मैं अभी जिन्दा था।मन के भीषण संघर्ष ने बहुत कुछ नई भावनाओ को जन्म दिया।मेरा जीवन बदल गया था।मैंने इस पुरे मामले का पता किया।उस बच्ची की एक एक बात सच थी।मुझे प्रेम जी की बाते याद आई और मैंने इस्लाम की किताबो और इतिहास का अध्ययन किया और एक एक चीज को समझा।
मैंने जितना पढ़ा मुझे उस बच्ची की वेदना का उतना ही अहसास हुआ।मैंने लड़ने का फैसला किया और खुद लड़ने का फैसला किया।तभी मुझे पता चला की वो बच्ची मर गयी।वो मर गयी और हो सकता है की उसके माता पिता उसे भूल गए हो पर मेरे लिये वो आज भी जीवित है।वो आज भी मुझे सपनों में दिखाई देती है।आज भी उसकी वेदना,उसकी पीड़ा,उसके आंसू मुझे महसूस होते हैं।आज भी उसकी ये बात की जब तक ये भेड़िये रहेंगे तब तक एक भी हिन्दू की बेटी कॉलेज में सुरक्षित नहीँ रहेगी,मेरे कानों में गूंजती है।

मैंने उसको ठीक उसी तरह से श्रद्धांजलि दी जैसे एक बाप और एक भाई को देनी चाहिये।मैंने वो ही किया जो एक बाप और एक भाई को करना चाहिये।
आज जो कुछ भी हूँ अपनी उसी बेटी के कारण हूँ जिसे मैंने जन्म नही दिया पर जिसने मुझे वास्तव में जन्म दिया।मैं ये बात कभी किसी को नहीँ बताता पर आज ये बात सबकी बतानी जरूरी हो गयी है।

उस बच्ची ने मुझे वो बताया जिसे हिन्दू भूल चूका है,वो ये ही की बेटी किसी आदमी की नहीँ पूरी कौम की होती है और जब कौम कमजोर होती है तो उसका दंड बेटी को भुगतना पड़ता है।कौम की गलती कौम की हर बेटी को भुगतनी ही पड़ेगी।

आज हर हिन्दू की बेटी बर्बादी के उन्ही रास्तों पर चल पड़ी है और कोई भी बाप,कोई भी भाई आज उसे बचा नही पा रहा है।पता नहीँ क्या हो गया है हम सबकी बुद्धि को की विनाश की इतनी बड़ी तैयारी को हम देखना ही नहीँ चाहते हैं।हम सब जानते हैं की हम सब की बेटियो के साथ भी यही होगा पर फिर भी हमारा जमीर जागता नहीँ है।
शायद देवताओ ने हम सबकी बुद्धि को खराब कर दिया है।अब तो शायद भगवान भी हमारे मालिक नहीँ हैं।

आज मैं देखता हूँ की ऐसी घटनाएँ तो हमारे देश में रोज होती है और किसी को कोई फर्क नहीँ पड़ता।यहाँ तक की जिनकी बेटियो और बहनों के साथ ऐसा होता है उन्हें भी कोई फर्क नहीँ पड़ता पर मुझे पड़ा और मैं जानता हूँ की मैंने जो कुछ किया वो बहुत अच्छा किया।मुझे किसी बात का कोई अफ़सोस नहीँ है।मैं जो भी कर सकता था,मैंने किया और जो भी कर सकता हूँ, तब तक करूँगा जब तक जिन्दा हूँ।

दुःख है तो बस इतना है की मैं इस लड़ाई को जीत नहीँ सका।मैं अपनी बहनो को,अपनी बेटियो को इस्लामिक जिहाद के खुनी पंजे से बचा नहीँ सका।दुःख है तो बस इस बात का है की अपनी बेटियो को एक सुरक्षित देश बना कर नहीँ दे सका।दुःख इस बात का भी है की गद्दारो ने पूरी नस्ल को बर्बाद कर दिया और हम उफ़ तक भी नहीँ कर पाये।

वो बच्ची रो तो पायी,मैं तो रो भी नहीँ पाया।

आज हजारो हिन्दू बेटियो की बर्बादियों की कहानी मेरे सीने में दफन है,काश की कोई हिन्दू मेरे जख्मो को देखने का साहस भी करता।काश ये कायर और मुरदार कौम एक बार जाग जाती तो मैं अपने हाथो से अपना सीना चीरकर दिखा देता।काश इस कौम के रहनुमा एक बार कहते की वो बहनो,बेटियो को भेडियो का शिकार नहीँ बनने देंगे।काश ये कौम हिजड़ो को नेता मानना छोड़ कर खुद अपनी बेटियो की रक्षा करती।

काश...................................
बहुत दर्द है और इलाज कुछ दिख नहीँ रहा है,अब तो बस माँ से यही प्रार्थना है की जल्दी से जल्दी मुझे अपने पास बुला ले जिससे की मुझे अपनी बहनो,अपनी बेटियो की दुर्दशा और ज्यादा न देखनी पड़े।
मेरे बच्चों,मेरे शेरो इस msg में यदि आपको सच्चाई लगे तो इसे दुनिया के हर हिन्दू तक पहुँचा दो।हो सकता है की शायद मेरे दर्द से ही कौम का कोई नया रहनुमा जन्म ले और कौम की बहन बेटियां बच जाएँ।

Friday, March 27, 2020

Corona Jokes हिन्दी

हम चाइना की झालर,
पिचकारी बंद करने चले थे,
सालों ने हमारी कचौड़ी,जलेबी,छोले भटूरे,समोसे सब  बंद करवा दिया,
🤨🤔😉😊
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Thursday, March 26, 2020

मुम्बई कि दुर्लब तस्वीर

First time in Mumbai History ! There were No Public! On Road!!! Accept Police!

अफवा व झूठी खबरों से सावधान


1- कई लाशों वाली इटली शहर की तस्वीर। 
सच्चाई - एक फिल्म कांटेजिअन का सीन है। 
2- 498/- का जिओ का फ्री रीचार्ज। 
सच्चाई - कंपनी ने ऐसा कोई दावा नहीं किया है। 
3- केई लोग जमीन पर पडे सहायता के लिए चिल्ला रहे हैं। 
सच्चाई - वर्ष 2014 के एक आर्ट प्रोजेक्ट की तस्वीर है। 
4- डॉ रमेश गुप्ता की किताब जंतु विज्ञान में कोरोना का इलाज है। 
सच्चाई - नहीं है। 
5- मेदांता हास्पिटल के डाॅ नरेश त्रेहान की नेशनल इमर्जेंसी की अपील। 
सच्चाई - डॉ त्रेहान ने कोई अपील नहीं की। 
6- एक कपल की तस्वीर जो 134 पीड़ितों का इलाज करने के बाद संक्रमण का शिकार हो गए। 
सच्चाई - तस्वीर किसी डॉक्टर कपल की नहीं है। एयरपोर्ट पर एक जोड़े की है। 
7- कोविड 19 कोरोना की दवा। 
सच्चाई -  यह दवा नहीं, जांँच किट है। 
8- कोरोना वायरस का जीवन 12 घंटे तक। 
सच्चाई - 3 घंटे से 9 दिन तक। 
9- रूस में 500 शेर सड़कों पर। 
सच्चाई - एक फिल्म का सीन है। 
10- इटली की ताबूत वाली तस्वीर। 
सच्चाई - यह 7 वर्ष पुराने एक हादसे की तस्वीर है, कोरोना से इसका कोई संबंध नहीं है।

11- सनातन धर्म में श्री शिव पुराण में इस कोरोना वायरस से रक्षा कवचं पहले ही अंकित कर दिया गया था। इसकी ऑडियो भी है जो आपको भेज रहा हूँ। कृपा कर अधिक से अधिक समय तक इसका ध्वनि सेवन करें।

12: 
work from home

13: 
मित्रों झूठी अफवाहों के बहकावे में आकर अपना धैर्य न खोएं। पोस्ट को शेयर कर सभी तक सही जानकारी प्रेषित करैं। आपका विवेक और धैर्य ही आपका साथी है। ईश्वर और सरकार पर भरोसा रखें। घर में  रहैं, सुरक्षित रहैं। 
... शुभकामनाएंँ ।