Monday, March 23, 2020

यासीन मलिक ने अफसर के सीने में 27 गोलियां मारी थी।

जम्मू-कश्मीर में आज टाडा कोर्ट ने आतंकी यासीन मलिक पर वायुसेना के अॉफिसर रवि खन्ना और 3 अन्य वायुसेना कर्मियो कि सन् 1990 में हुई  हत्या के आरोप में मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत पाए हैं।

बहुत कम भारतीयों… अधिक को पता है कि यासीन मलिक ने उस निर्दोष अफसर के सीने में 27 गोलियां मारी थी और पूरी AK47 की मैगजीन  खाली कर दी थी।

मारने के बाद इसने मोटरसाइकिल से हंसते हुए लाश के चक्कर लगाए और किसी को पास फटकने नहीं दिया। ऊपर से यासीन मलिक ने टीवी पर छाती ठोक कर कहा कि उसने वायुसेना के अफसर और हिंदुओं को मारा है।

30 साल तक यह हत्यारा आजाद घूमता रहा और बिशेष बात है कि इसको वार्ता हेतू कांग्रेस के नपुंसक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 2006 में बुलाया था।

पर काल की अपनी गति हैं और वह संतुलन बना ही देता है।

Sunday, February 2, 2020

चम्बल पुल पर हुआ हादसा ड्राइवर सहित बस में सवार सभी 90 बारातियों की मौत।

चम्बल पुल पर हुआ हादसा ड्राइवर सहित बस में सवार सभी 90 बारातियों की मौत। ड्राइवर ने जानबूझकर सबको मार दिया। पत्रकार ने पूछा क्यों ? गलती दो तीन बारातियों ने की और मार सबको दिया। क्या ये उचित है...

मन को झकझोरती पूरी घटना समझिए।
90 के दशक में मुरैना से बारात आगरा शहर गई थी। ताशिर मोहम्मद के बेटे का निकाह बड़ी धूमधाम से हुआ। दोनों ही पक्ष रसूक एवम पैसे वाले थे। निकाह में एवम बारात में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित हुए। बारात भोज में नॉनवेज (मासाहारी) भोजन बना था। लेकिन बस का ड्राइवर सोनकिया एक जनेऊ पहनने वाला ब्राह्मण था इसलिए उसने भोजन करने से इंकार कर दिया।लेकिन बारात के कुछ मनचलों द्वारा बस ड्राइवर को जबरजस्ती नॉनवेज खिलाया गया। उसका धर्म भ्रष्ठ कर दिया। इसलिए लौटते समय चम्बल नदी में ड्राइवर ने घटना को अंजाम दिया। ड्राइवर समेत सभी बाराती मारे गए थे केवल एक कंडक्टर ही जीवित रहा था क्योंकि ड्राइवर ने उतरने के लिए कहा था...

कंडक्टर की पत्रकारों से चर्चा के दौरान एक पत्रकार ने पूछा कि गलती कुछ 2 या 3 लोग की थी लेकिन इसके लिए सभी बारातियों का मारना तो अनुचित है।
कंडक्टर ने कहा जब कुछ मनचले असामाजिक तत्व एक जनेऊधारी ब्राह्मण का धर्म भ्रष्ठ कर रहे थे उस समय सभी बाराती उपस्थित थे लेकिन किसी ने रोका नहीं। यानी कि मौन स्वीकृति दी तो फिर वो भी उक्त दुराचार के बराबर दोषी थे इसलिए सबको सजा ये मौत मिलनी थी और मिली भी।

चाहे वो आतंकवादी हो या देशद्रोही, चाहे वो बलात्कारी हो या लुटेरा हिंसक घटनाओं को अंजाम देने वाला !!!!!

अगर गलत काम करने वालों को विरोध नहीँ कर रहे हो तो आप उन गलत काम करने वाले लोगों को मौन स्वीकृति प्रदान कर रहे हो। आप उन असामाजिक तत्वों को मौन समर्थन दे रहे हो।

धन्य है वो मेरे वीर भाई जिन्होंने आत्मग्लानि में स्वंय स्वर्ग सिधार गए , लेकिन गर्व हैं उनके द्वारा विधर्मी आततायी का नाश करने पर । ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे और हमे धर्म रक्षा हेतु प्रेरणा मिले ।
ब्रम्ह वीर , सर्वस्व त्यागी ऋषि दधीचि ने धर्म रक्षार्थ दैत्य विनाश हेतु अपने मानव शरीर का दान कर दिया था ।

हिन्दू वीरों उठो , जागो धर्म युद्ध पुकार रहा है देश ।

Saturday, January 11, 2020

तस्लीमा नसरीन को सत्य घटनाओं

तस्लीमा नसरीन को सत्य घटनाओं पर आधारित जिस 'लज्जा' उपन्यास के कारण अपने वतन से निर्वासित होना पड़ा, उसका यह अंश जरूर पढ़ें, और फिर CAA पर अपनी राय तय करें...

बेटियों के बलात्कारियों से जब माँ ने कहा "अब्दुल अली, एक-एक करके करो,,, नहीं तो वो मर जाएंगी "।

यह सच्ची घटना घटित हुई थी 8 अक्टूबर 2001 को बांग्लादेश में।

अनिल चंद्र और उनका परिवार 2 बेटियों 14 वर्षीय पूर्णिमा व 6 वर्षीय छोटी बेटी के साथ बांग्लादेश के सिराजगंज में रहता था। उनके पास जीने, खाने और रहने के लिए पर्याप्त जमीन थी।

बस एक गलती उनसे हो गयी, और ये गलती थी कि एक हिंदू होकर 14 साल व 6 साल की बेटी के साथ बांग्लादेश में रहना। एक क़ाफिर के पास इतनी जमीन कैसे रह सकती है..? यही सवाल था बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिद ज़िया के पार्टी से सम्बंधित कुछ उन्मादी लोगों का।

8 अक्टूबर के दिन..

अब्दुल अली, अल्ताफ हुसैन, हुसैन अली, अब्दुर रउफ, यासीन अली, लिटन शेख और 5 अन्य लोगों ने अनिल चंद्र के घर पर धावा बोल दिया, अनिल चंद्र को मारकर डंडो से बाँध दिया, और उनको काफ़िर कहकर गालियां देने लगे।
 
इसके बाद ये शैतान माँ के सामने ही उस 14 साल की निर्दोष बच्ची पर टूट पड़े और उस वक्त जो शब्द उस बेबस व लाचार मां के मुँह से निकले वो पूरी इंसानियत को झंकझोर देने वाले हैं।

अपनी बेटी के साथ होते इस अत्याचार को देखकर उसने कहा "अब्दुल अली,, एक एक करके करो, नहीं तो मर जाएगी, वो सिर्फ 14 साल की है।"

वो यहीं नहीं रुके,,उन माँ बाप के सामने उनकी छोटी 6 वर्षीय बेटी का भी सभी ने मिलकर ब#लात्कार किया ....उनलोगों को वहीं मरने के लिए छोडकर जाते जाते आस पड़ौस के लोगों को धमकी देकर गए की कोई इनकी मदद नहीं करेगा।

ये पूरी घटना बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने भी अपनी किताब “लज्जा” में लिखी, जिसके बाद से उनको अपना ही देश छोड़ना पड़ा। ये पूरी घटना इतनी हैवानियत से भरी है परन्तु आज तक भारत में किसी बुद्धिजीवी ने इसके खिलाफ बोलने की हैसियत तक नहीं दिखाई है, ना ही किसी मीडिया हाउस ने इसपर कोई कार्यक्रम करने की हिम्मत जुटाई है।

ये होता है किसी इस्लामिक देश में हिन्दू या कोई अन्य अल्पसंख्यक होने का, चाहे वो बांग्लादेश हो या पाकिस्तान।

पता नहीं कितनी पूर्णिमाओं की ऐसी आहुति दी गयी होगी बांग्लादेश में हिंदुओं की जनसँख्या को 22 प्रतिशत से 8 प्रतिशत और पाकिस्तान में 15 प्रतिशत से 1 प्रतिशत पहुँचाने में।

और हिंदुस्तान में जावेद अख्तर, आमिर खान, नसीरुद्दीन शाह व हामिद अंसारी जैसे हरामखोर लोग कहते है कि हमें डर लगता है,,, जहाँ उनकी आबादी आज़ादी के बाद से लगातार बढ़ रही है।

अगर आप भी सेक्युलर हिंदु (स्वघोषित बुद्धिजीवी) हैं और आपको भी लगता है कि भारत में अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं हैं,, तो कभी बांग्लादेश या पाकिस्तान की किसी पूर्णिमा को इन्टरनेट पर ढूंढ कर देखिये !!!

मूर्खतापूर्ण ढंग से केवल संविधान की दुहाई देते हुए रूदाली रूदन करने की बजाय इन लोगों के बारे में बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर की राय भी पढियेगा। 

मर्जी आपकी ! 👏

क्या यह वाकई CAA NRC का विरोध था या कुछ और षड्यंत्र का ज़हर है



#Avinash

various Posters / Banners that we have seen in so called CAA-NRC protests.

01. I am B'aba'ri.
02. 'ब्राह्मण'वाद' का नाश करेंगे
03. F'uck OM H'indut'va (ॐ was drawn like Nazi symbol).
04. M'osqu'e instead of Ashok Chakra in Tricolor.
05. Slogan, "There is no God but A'lla h" instead of Ashok Chakra
06. Boycott B'rahmin patriarchy.
07. Orange is "Lotus" (s), New Black "Swastika" (s)
08. Brahmi'nic Terrorism Down Down
09. Modi POTTY khaley
10. Bolo Pencil Modi Tera Naam Cancel
11. Modi Tatti खा 
12. मैं Protest क्यों छोडूं MODI-SHAH is लोड़ू
13. Are You Still V'irgin, Me Too, Lets F'uck the Government.
14. Hitler Isn't Dead, He Rule 'India' Now
15. Chai Wale Teri Chai Unsecular Hai
16. ERROR 404 'HINDU RASHTRA" Not Found
17. No M'usli ms = No Biryani
18. Swacch Bharat Karne Nikle The Lekin Pure Desh Mein Hag Diya
19. Free 'Kashmir'
20. My documents stolen by thief who stole 'Rafale' file
21. 'Kashmir Azad' karo
22. My Documents Burned In Gujarat 2002 - Sorry
23. गू खाया है तो कुछ सोंच समझ कर ही खाया होगा - अंधभक्त 
24. गाय नहीं न्याय चाहिए
25. RSS T'erroris'ts Go-Back
26. A Cow A'te My Documents So I A'te The Cow.
27. "मु'सल'मान हमारा भाई है, ब्राह्म'ण साला क'साई है".

Do you actually think they are actually CAA-NRC protests ?

Friday, January 10, 2020

पूरी दुनिया को मुसलमान बनाने के लिए कितने संगठन कार्य कर रहे हैं !


 1) अल -शबाब (अफ्रीका ), 
2) अल मुराबितुंन (अफ्रीका ), 
3) अल -कायदा (अफगानिस्तान ), 
4) अल -क़ाएदा (इस्लामिक मघरेब ), 
5) अल -क़ाएदा (इंडियन सबकॉन्टिनेंट ), 
6) अल -क़ाएदा (अरेबियन पेनिनसुला ),
7) हमास (पलेस्टाइन ), 
8) पलिस्तीनियन इस्लामिक जिहाद (पलेस्टाइन ), 
9) पॉपुलर फ्रंट फॉर द लिबरेशन ऑफ़ (पलेस्टाइन ), 
10) हेज़बोल्ला (लेबनान ), 
11) अंसार अल -शरीया -बेनग़ाज़ी (लेबनान ), 
12) असबात अल -अंसार (लेबनान ), 
13) ISIS (इराक ), 
14) ISIS (सीरिया ),
15) ISIS (कवकस )
16) ISIS (लीबिया )
17) ISIS (यमन )
18) ISIS (अल्जीरिया ), 
19) ISIS (फिलीपींस )
20) जुन्द अल -शाम (अफगानिस्तान ), 
21) मौराबितौं (लेबनान ), 
22) अलअब्दुल्लाह अज़्ज़म ब्रिगेड्स (लेबनान ), 
23) अल -इतिहाद अल -इस्लामिया (सोमालिया ), 
24) अल -हरमैन फाउंडेशन (सऊदी अरबिया ), 
25) अंसार -अल -शरीया (मोरोक्को ),
26) मोरोक्को मुदजादिने (मोरक्को ), 
27) सलफीआ जिहदिआ (मोरक्को ), 
28) बोको हराम (अफ्रीका ), 
29) इस्लामिक मूवमेंट ऑफ़ (उज़्बेकिस्तान ), 
30) इस्लामिक जिहाद यूनियन (उज़्बेकिस्तान ), 
31) इस्लामिक जिहाद यूनियन (जर्मनी ), 
32) DRW True -रिलिजन (जर्मनी )
33) फजर नुसंतरा मूवमेंट (जर्मनी )
34) DIK हिल्देशियम (जर्मनी )
35) जैश -ए -मुहम्मद (कश्मीर ), 
36) जैश अल -मुहाजिरीन वल -अंसार (सीरिया ), 
37) पॉपुलर फ्रंट फॉर द लिबरेशन ऑफ़ पलेस्टाइन (सीरिया ), 
38) जमात अल दावा अल क़ुरान (अफगानिस्तान ), 
39) जुंदल्लाह (ईरान )
40) क़ुद्स फाॅर्स (ईरान )
41) Kata'ib हेज़बोल्लाह (इराक ), 
42) अल -इतिहाद अल -इस्लामिया (सोमालिया ), 
43) Egyptian इस्लामिक जिहाद (Egypt ), 
44) जुन्द अल -शाम (जॉर्डन )
45) फजर नुसंतरा मूवमेंट (ऑस्ट्रेला )
46) सोसाइटी ऑफ़ द रिवाइवल ऑफ़ इस्लामिक हेरिटेज (टेरर फंडिंग , वर्ल्डवाइड ऑफिसेस )
47) तालिबान (अफगानिस्तान ), 
48) तालिबान (पाकिस्तान ), 
49) तहरीक -i-तालिबान (पाकिस्तान ), 
50) आर्मी ऑफ़ इस्लाम (सीरिया ), 
51) इस्लामिक मूवमेंट (इजराइल )
52) अंसार अल शरीया (तुनिशिया ), 
53) मुजाहिदीन शूरा कौंसिल इन द एनवीरोंस ऑफ़ (जेरूसलम ), 
54) लिबयान इस्लामिक फाइटिंग ग्रुप (लीबिया ), 
55) मूवमेंट फॉर वेनेस्स एंड जिहाद इन (वेस्ट अफ्रीका ), 
56) पलिस्तीनियन इस्लामिक जिहाद (पलेस्टाइन )
57) तेव्हीद-सेलम (अल -क़ुद्स आर्मी )
58) मोरक्कन इस्लामिक कोंबटेंट ग्रुप (मोररोको ), 
59) काकेशस अमीरात (रूस ), 
60) दुख्तरान -ए -मिल्लत फेमिनिस्ट इस्लामिस्ट्स (इंडिया ),
61) इंडियन मुजाहिदीन (इंडिया ), 
62) जमात -उल -मुजाहिदीन (इंडिया )
63) अंसार अल -इस्लाम (इंडिया )
64) स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ़ (इंडिया ), 
65) हरकत मुजाहिदीन (इंडिया ), 
66) हिज़्बुल मुझेडीन (इंडिया )
67) लश्कर ए इस्लाम (इंडिया )
68) जुन्द अल -खिलाफह (अल्जीरिया ), 
69) तुर्किस्तान इस्लामिक पार्टी ,
70) Egyptian इस्लामिक जिहाद (Egypt),
71) ग्रेट ईस्टर्न इस्लामिक रेडर्स' फ्रंट (तुर्की),
72) हरकत -उल -जिहाद अल -इस्लामी (पाकिस्तान ),
73) तहरीक -ए -नफ़ज़ -ए -शरीअत -ए -मोहम्मदी (पाकिस्तान ), 
74) लश्कर ए तोइबा (पाकिस्तान )
75) लश्कर ए झांगवी (पाकिस्तान )
76) अहले सुन्नत वल जमात (पाकिस्तान ),
77) जमात उल -एहरार (पाकिस्तान ), 
78) हरकत -उल -मुजाहिदीन (पाकिस्तान ), 
79) जमात उल -फुरकान (पाकिस्तान ), 
80) हरकत -उल -मुजाहिदीन (सीरिया ), 
81) अंसार अल -दिन फ्रंट (सीरिया ), 
82) जब्हत फ़तेह अल -शाम (सीरिया ), 
83) जमाह अन्शोरूट दौलाह (सीरिया ), 
84) नौर अल -दिन अल -ज़ेन्कि मूवमेंट (सीरिया ),
85) लिवा अल -हक़्क़ (सीरिया ), 
86) अल -तौहीद ब्रिगेड (सीरिया ), 
87) जुन्द अल -अक़्सा (सीरिया ), 
88) अल -तौहीद ब्रिगेड (सीरिया ), 
89) यरमूक मार्टियर्स ब्रिगेड (सीरिया ), 
90) खालिद इब्न अल -वालिद आर्मी (सीरिया ), 
91) हिज़्ब -ए इस्लामी गुलबुद्दीन (अफगानिस्तान ), 
92) जमात -उल -एहरार (अफगानिस्तान ) 
93) हिज़्ब उत -तहरीर (वर्ल्डवाइड कलिफाते ), 
94) हिज़्बुल मुजाहिदीन ( इंडिया), 
95) अंसार अल्लाह (यमन ), 
96) हौली लैंड फाउंडेशन फॉर रिलीफ एंड डेवलपमेंट (USA), 
97) जमात मुजाहिदीन (इंडिया ), 
98) जमाह अंशरूत तौहीद (इंडोनेशिया ), 
99) हिज़्बुत तहरीर (इंडोनेशिया ), 
100) फजर नुसंतरा मूवमेंट (इंडोनेशिया ), 
101) जेमाह इस्लामियाह (इंडोनेशिया ), 
102) जेमाह इस्लामियाह (फिलीपींस ), 
103) जेमाह इस्लामियाह (सिंगापुर ), 
104) जेमाह इस्लामियाह (थाईलैंड ), 
105) जेमाह इस्लामियाह (मलेशिया ), 
106) अंसार दीने (अफ्रीका ), 
107) ओस्बत अल -अंसार (पलेस्टाइन ), 
108) हिज़्ब उल -तहरीर (ग्रुप कनेक्टिंग इस्लामिक केलिफेट्स अक्रॉस द वर्ल्ड इनटू वन वर्ल्ड इस्लामिक केलिफेट्स )
109) आर्मी ऑफ़ द मेन ऑफ़ द नक्शबंदी आर्डर (इराक )
110) अल नुसरा फ्रंट (सीरिया ), 
111) अल -बदर (पाकिस्तान ), 
112) इस्लाम 4UK (UK), 
113) अल घुरबा (UK), 
114) कॉल टू सबमिशन (UK), 
115) इस्लामिक पथ (UK), 
116) लंदन स्कूल ऑफ़ शरीया (UK), 
117) मुस्लिम्स अगेंस्ट क्रुसडेस (UK), 
118) नीड 4Khilafah (UK), 
119) द शरिया प्रोजेक्ट (UK), 
120) द इस्लामिक दवाह एसोसिएशन (UK), 
121) द सवियर सेक्ट (UK), 
122) जमात उल -फुरकान (UK), 
123) मिनबर अंसार दीन (UK), 
124) अल -मुहाजिरों (UK) (Lee Rigby, लंदन 2017 मेंबर्स ), 
125) इस्लामिक कौंसिल ऑफ़ ब्रिटैन (UK) (नॉट टू बी कन्फ्यूज्ड विद ओफ़फिशिअल मुस्लिम कौंसिल ऑफ़ ब्रिटैन ), 
126) अहलुस सुन्नाह वल जमाह (UK), 
128) अल -गामा'अ (Egypt ), 
129) अल -इस्लामियया (Egypt), 
130) आर्म्ड इस्लामिक मेन ऑफ़ (अल्जीरिया ), 
131) सलाफिस्ट ग्रुप फॉर कॉल एंड कॉम्बैट (अल्जीरिया ), 
132) अन्सारु (अल्जीरिया ), 
133) अंसार -अल -शरीया (लीबिया ), 
134) अल इत्तिहाद अल इस्लामिआ (सोमालिया ), 
135) अंसार अल -शरीया (तुनिशिया ), 
136) शबब (अफ्रीका ), 
137) अल -अक़्सा फाउंडेशन (जर्मनी )
138) अल -अक़्सा मार्टियर्स' ब्रिगेड्स (पलेस्टाइन ), 
139) अबू सय्याफ (फिलीपींस ), 
140) अदेन-अबयान इस्लामिक आर्मी (यमन ), 
141) अजनाद मिस्र (Egypt), 
142) अबू निदाल आर्गेनाइजेशन (पलेस्टाइन ), 
143) जमाह अंशरूत तौहीद (इंडोनेशिया )
....

Thursday, January 9, 2020

कलियुग का पुनीत प्रताप!



कलि कर एक पुनीत प्रतापा। मानस पुन्य होहिं नहिं पापा।।
    कलियुग का एक पवित्र प्रताप यह है कि इसमें मानसिक पुण्य तो फलदायी होते हैं; परंतु मानसिक पापों का फल नहीं भोगना पड़ता।  'पुनीत प्रताप' वो इसलिए कि सतयुग, त्रेता व द्वापर युग में जीव को मानसिक पापों का फल भोगना पड़ता था जिसका छूट कलियुग में भरपूर है फिर भी मूढ़ जीव इस युग के पुनीत प्रताप 'मानसिक पुण्य' की ओर भी अग्रसर क्यों नहीं हो पा रहा?शायद वो इसलिए कि....
कलि केवल मल मूल मलीना। पाप पयोनिधि जन मन मीना।।
---यह मलिन कलियुग केवल मल का मूल है जिसके कारण उसका पुनीत प्रताप प्रभाव तिरोहित हो जाता है और लोगों के मन पापरूपी समुद्र में मछली की भाँति मग्न रहते हैं और भला मछली जल से कब उपरत रहना चाहेगी। इसीलिए यदि मानसिक पाप की माफी न होती तब तो इस कलिकाल में जीव का उद्धार होना कितना मुश्किल हो जाता?
बस सोच बदल दिया जाय तो वही मन रूपी मछली पापरूपी समुद्र में मग्न रहने के वजाय 'श्रीरामभक्ति रूपी अथाह जलराशि में निमग्न रहेगी और कभी विलग नहीं होगी' जैसा कि दृढ़ निश्चयाभक्ति वाले श्री भुशुण्डि जी महाराज मानस में लोमश जी के समक्ष अपनी बात कहने में तनिक भी नहीं सकुचाते....
राम भगति जल मम मन मीना। किमि बिलगाइ मुनीस प्रबीना।।
    श्रीमद्भागवत पुराण के प्रथम स्कंध में कलियुग के प्रसंग में श्री सूत जी ने भी कहा है...
नानुद्वेष्टि  कलिं  सम्राट्  सारङ्ग  इव सारभुक्।
कुशलान्यासु सिद्ध्यन्ति नेतराणि कृतानि यत्।।
    'भ्रमर के समान सारग्राही सम्राट परीक्षित् कलियुग से द्वेष नहीं करते थे; क्योंकि कलियुग का एक बड़ा भारी गुण यह है कि इसमें पुण्यकर्म तो मन के संकल्प मात्र से ही फल देनेवाले हो जाते हैं, परंतु पापकर्म संकल्पमात्र से फल नहीं देते। उनका प्रतिफल तो शरीर से करने पर ही मिलता है।'
      महात्मा तुलसीदास जी ने इस कलियुग में जीव के उद्धार का कितना सहज मार्ग बताया है......
कलियुग केवल नाम अधारा।सुमिरि सुमिरि नर उतरहिं पारा।।
×××××××××××××××××××××××××××××××××××××
कलिजुग केवल हरि गुन गाहा। गावत नर पावहिं भव थाहा।।

तो हम सब श्रीरामचरितमानस में  काकभुशुण्डि जी द्वारा निर्देशित  बात को क्यों नहीं मानते...
    कहु खगेस अस कवन अभागी। खरी सेव सुरधेनुहिं त्यागी।।
अर्थात् हे खगेश!(गरुड़ जी) बतलाइये ऐसा कौन अभागा है जो कामधेनु को छोड़कर खरी(गधी) को पालता है? सारांशतः बात यही है कि इस 'पुनीत प्रताप' वाले कलिकाल में मानस-पुण्य का उपार्जन छोड़ मानस-पाप में रमण करना कामधेनु को छोड़कर गधी पालने जैसा ही है।
      कलियुग में मानसिक पाप नहीं लगता , इसका यह अभिप्राय नहीं कि सदा मानसिक पापों में रत रहा जाय। मानसिक पाप नहीं लगते, इस विचार से मनुष्य पापों में मन लगावेगा उसके समान मूर्ख कौन होगा! तो 'सत्य, क्षमा, दया,दान,परोपकार आदि सद्गुणों का बारम्बार चिंतन करना, मन में अपने इष्टदेव का ध्यान,उनका स्मरण और जप का निरंतर अभ्यास इससे बड़ा मानसिक पुण्य और क्या होगा, जिससे मनुष्य का निश्चित ही कल्याण होना है।
सुप्रभातं
सुमंगलं
सीताराम जय सीताराम
सीताराम जय सियाराम!!!