Saturday, November 30, 2019

डाक्टर प्रियंका रेड्डी

डाक्टर प्रियंका रेड्डी ने कल रात अपने घर फोन करके बताया कि उनकी स्कूटी शमसाबाद, हैदराबाद में पंक्चर हो गई है... यह क्षेत्र अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्र है...  वह घबराई हुईं थीं.... उन्होंने अपनी बहन को बताया कि कुछ लोग मदद करने के नाम पर उसकी स्कूटी ले कर.. पंचर ठीक कराने के बहाने उसे कहीं ले जाना चाह रहे हैं... आस पास काफी संदिग्ध लोग इकट्ठे हो रहे हैं... बहन ने डाक्टर प्रियंका से कहा कि वह निकट स्थित टोल बूथ पर जाकर खुद को बचाये... और वह कुछ संबंधियों को लेकर घटना स्थल की ओर दौड़ीं, परंतु....

जब संबंधी उक्त स्थान पर पहुँचे तो वहां से डाक्टर प्रियंका रेड्डी गायब थीं और उनका फोन स्वीच ऑफ आ रहा था ...
            अगले दिन प्रातः उसी क्षेत्र के सुनसान इलाके शादनगर में डाक्टर प्रियंका रेड्डी का जला हुआ शव मिला... पोस्टमार्टम से पता चला कि ज़िंदा जलाकर मारने से पूर्व डाक्टर प्रियंका रेड्डी के साथ सामूहिक बलात्कार हुआ था ! सिर्फ बलात्कार ही काफी नहीं... हत्या !... जीवित अवस्था मे पेट्रोल छिड़क कर... ! कितनी दर्दनाक मौत दी गई...डाक्टर प्रियंका को...!!
               शेष कहने और समझने के लिए कुछ नहीं रह जाता है... जैसी की उम्मीद थी... अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है...

मदद करने के बजाये ये स्थिति की गई दिवंगत की 

टारगेट आपकी बहन बेटियां ही  है ।

वह तो चली गई लेकिन आप कब चेतेंगे ?

भारत की मीडिया से वास्तविकता बताने की कोई उम्मीद नही है ....

Wednesday, November 20, 2019

JNU बनेगा सौचालय।

कब तक वतन  के पैसे से  खर्चे चलायेगा,
और उसमें भी हर बात पे नखरे दिखायेगा!

माँ सोचती थी छाले का मरहम  बनेगा तू
क्या जानती थी धुएँ के छल्ले बनायेगा तू!

सैनिक की शहादत पर  मनायेगा जश्न  तू,
वर्ना कभी तू अफ़जल की बरसी मनायेगा!

बचपन गुज़र गया  जवानी  गुज़र गयी,
पढ़ते हुए क्या अपना बुढ़ापा बितायेगा!

हॉस्टल का एक रूम था पढ़ने  के वास्ते, 
हमको खबर थी नहीं तू दुनियां बसायेगा!

अय्याशियों से पैसे बचेंगे तभी  तो वो,
थोड़ी सी बड़ी फीस के पैसे चुकायेगा!

हम चाहते थे देश की आवाज़  बनों  तुम, 
पर तू भी सियासत के ही पाले में जायेगा!

#मयंक शर्मा
🧐🧐🧐😷😷😷😎😎😎😇

Tuesday, November 19, 2019

सनातन धर्म को खत्म करने की कोशिश हमनें खुद की है!


सात लाख रूपये दीजिये तो राधे माँ ( जसबिंदर कौर) आपको गोद में बैठाकर आशीर्वाद देंगी और पन्द्रह लाख रूपये दीजिये तो आप धूर्त ठग राधे माँ को किसी फाइव स्टार होटल में डिनर के साथ आशीर्वाद ले सकते हैं ! 
तब भी वो देवी है मूर्ख हिंदुओं की।

निर्मल बाबा है जो लाल चटनी और हरी चटनी में भगवान की कृपा दे रहा है ! रात दिन पूजा जा रहा है।

रामपाल भक्त हैं जो कबीर को पूर्ण परब्रह्म परमात्मा मानते हैं ! ओर अपने नहाए हुए पानी को अपने भक्तों को पिला कर कृतार्थ करता है।

ब्रह्मकुमारी मत वाले हैं जो दादा लेखराज के वचनों को सच्ची गीता बताते हैं और परमात्मा को बिन्दुरुप बताते हैं ! इन्होंने श्री कृष्ण जी की भगवद गीता भी फेल कर दी।

राधास्वामी वाले अपने गुरु को ही मालिक परमेश्वर भगवान ईश्वर मानते हैं । उनके अनुसार वो साक्षात ईश्वर का अवतार है, और वेद गलत है..???

*ओशो * के भक्तों के लिए समाधी का रास्ता सम्भोग से होकर जाता हैं। उनके लिए सदाचार और व्यभिचार में कोई अंतर नहीं हैं।

*रामरहीम वालों के लिए उनके गुरु भगवान से भी बढ़कर हैं। चाहे वह गुफ़ा में साध्वियों का योन शोषण करे, चाहे साधुओं को हिजड़ा बनाये, चाहे डिस्को गाने गाये, चाहे अजीबोगरीब कपड़े पहन कर फिल्में बनाये। उसे भगवान् ही मानेगे।

बहुतेरे चाँद मियाँ ऊर्फ साई बाबा को भगवान बनाने पर तुले हैं...!!!

बाकि मजार-मरघट-पीर-फकीर मर्दे कलंदर न जाने कहाँ कहाँ धक्के खा रहे हैं।

आसाराम के भक्त तो और भी महान है सब पोल खुल जाने पर भी सड़को पर भक्त बनकर आसाराम को ईश्वर मान रात दिन उसके गुण गाते है।

हिन्दुस्तान में रहने वाले जैन, बौद्ध, कबीरपंथी, अम्बेडकरवादि, मांसाहारी, शाकाहारी, साकारी,निरंकारी सब हिन्दू हैं।

लेकिन हिंदु सच में है कौन

खुद हिन्दुओं को नहीं पता...

हिंदुओं ने स्वयं ही वैदिक सनातन धर्म की सबसे ज्यादा हानि की है।

कोई विदेशी इसका जिम्मेदार नहीं है!                                                      हिन्दुओं को जिसने जैसा बेवकूफ बनाया वैसे बन गए। जिसने अपनी दुकान ज्यादा सजायी वो ही उतना बड़ा भगवान बन गया। सच में हिन्दुत्व का ऐसा विकृत रूप बेहद दुःखदायी है और विचारणीय भी!!!                                                            "सनातन वैदिक धर्म"                                                          पुनः विश्व में "सनातन वैदिक धर्म " का परचम लहरायें भारत को फिर विश्व गुरू बनायें।                                                      जागृति बनें, धार्मिक बनें, तार्किक बनें,                                                                                               ना कि अंधे अंधविश्वासी!!!

Monday, November 18, 2019

भारत मे आज भी है सती प्रथा।(महान भारत)

पतिव्रता पत्नियां पति के देह त्यागते ही स्वयं भी देह त्याग देती है। आजकल कम देखने सुनने को मिलता है पर पृथ्वी अभी सतियों से रिक्त नहीं हुई है। सती का अर्थ जैसा कि हम सोचते और सुनते हैं वैसा नहीं है।(william Bentick और Rammohan rai के संदर्भ से) , सती का अर्थ है जो पति के साथ ही स्वयं देह त्याग दे और देहों का एक साथ दहन हो।
विवाह के समय जो अग्नि साक्षी होती है ,वह अग्नि सदैव घर में निरंतर प्रजवलित रहती है और वही विवाह काल की अग्नि दोनी के देह को ग्रहण कर लेती है। विवाह contract नहीं पवित्र संबंध है जिसमे अग्नि सदैव विद्यमान रहती है इसलिए पत्नी को योषग्नि भी कहते है। आज फिर एक पवित्र उत्सर्ग हुआ , पोरसा,मध्य प्रदेश, के पण्डित जी का निधन कल शाम को हो गया था, आज सुबह जब उनको अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जारहा था तो उनकी धर्म पत्नी ने भी पति बियोग मैं प्राण त्याग दिये।। ऐसी सती सावित्री माता दिव्यात्मा को कोटि कोटि नमन।

Saturday, November 16, 2019

एक और पाठ #शिक्षक

 

"प्रणाम..सर! मुझे.. पहचाना??"

"कौन?" ..भाई, बता दो..शरीर साथ नहीं देता मेरा।

"सर, मैं आपका स्टूडेंट..45 साल पहले का..आपका विद्यार्थी।"

"ओह! अच्छा, आजकल ठीक से दिखता नही बेटा और याददाश्त भी कमज़ोर हो गयी है..इसलिए नही पहचान पाया..खैर..आओ, बैठो..क्या करते हो आजकल?" उन्होंने उसे प्यार से बैठाया और पीठ पर हाथ फेरते हुए पूछा..

"सर, मैं भी आपकी ही तरह शिक्षक बन गया हूँ।"

"वाह" यह तो अच्छी बात है लेकिन शिक्षक की पगार तो बहुत कम होती है फिर तुम क्यूं शिक्षक बने...???"

"सर, जब मैं ग्यारहवीं कक्षा में था तब हमारी कक्षा में एक घटना घटी थी..उसमें से आपने मुझे बचाया था..मैंने तभी शिक्षक बनने का निर्णय ले लिया था..वो घटना मैं आपको याद दिलाता हूँ..आपको मैं भी याद आ जाऊँगा।"

"अच्छा, क्या हुआ था तब?"

"सर, सातवीं में हमारी कक्षा में एक बहुत अमीर लड़का पढ़ता था..जबकि हम बाकी सब बहुत गरीब थे..एक दिन वह बहुत महंगी घड़ी पहनकर आया था और उसकी घड़ी चोरी हो गयी थी..कुछ याद आया सर?"

"सातवीं कक्षा???"

"हाँ सर..उस दिन मेरा मन उस घड़ी पर आ गया था और खेल के पिरेड में जब उसने वह घड़ी अपने पेंसिल बॉक्स में रखी तो मैंने मौका देखकर वह घड़ी चुरा ली थी..उसके बाद आपका पिरेड था..उस लड़के ने आपके पास घड़ी चोरी होने की शिकायत की..आपने कहा कि जिसने भी वह घड़ी चुराई है उसे वापस कर दो..मैं उसे सजा नही दूँगा..लेकिन डर के मारे मेरी हिम्मत ही न हुई घड़ी वापस करने की।"

"फिर आपने कमरे का दरवाजा बंद किया और हम सबको एक लाइन से आँखें बंद कर खड़े होने को कहा, और यह भी कहा कि आप सबकी जेब देखेंगे लेकिन जब तक घड़ी मिल नही जाती तब तक कोई भी अपनी आँखें नही खोलेगा वरना उसे स्कूल से निकाल दिया जाएगा।"

"हम सब आँखें बन्द कर खड़े हो गए..आप एक-एक कर सबकी जेब देख रहे थे..जब आप मेरे पास आये तो मेरी धड़कन तेज होने लगी..मेरी चोरी पकड़ी जानी थी..अब जिंदगी भर के लिए मेरे ऊपर चोर का ठप्पा लगने वाला था..मैं ग्लानि से भर उठा था..उसी समय जान देने का निश्चय कर लिया था लेकिन....लेकिन मेरे जेब में घड़ी मिलने के बाद भी आप लाइन के अंत तक सबकी जेब देखते रहे..और घड़ी उस लड़के को वापस देते हुए कहा, "अब ऐसी घड़ी पहनकर स्कूल नही आना और जिसने भी यह चोरी की थी वह दोबारा ऐसा काम न करे..इतना कहकर आप फिर हमेशा की तरह पढाने लगे थे.."कहते कहते उसकी आँख भर आई।

वह रुंधे गले से बोला, "आपने मुझे सबके सामने शर्मिंदा होने से बचा लिया..आगे भी कभी किसी पर भी आपने मेरा चोर होना जाहिर न होने दिया..आपने कभी मेरे साथ भेदभाव नही किया..उसी दिन मैंने तय कर लिया था कि मैं आपके जैसा शिक्षक ही बनूँगा।"

"हाँ हाँ...मुझे याद आया।" उनकी आँखों मे चमक आ गयी..फिर चकित हो बोले, "लेकिन बेटा... मैं आजतक नही जानता था कि वह चोरी किसने की थी क्योंकि...जब मैं तुम सबकी जेब देख कर रहा था तब मैंने भी अपनी आँखें बंद कर ली थीं।"

"उफ्फ्फ"..आज जिंदगी का एक और पाठ आपसे सीख कर जा रहा हूं ...सर।"

(एक इंग्लिश कहानी का हिंदी रूपांतरण)

Tuesday, November 12, 2019

भारत के ग़द्दारों की लिस्ट

सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड की तरफ़ से पेश 15 इतिहासकारों में से 12 #हिन्दू थे। इनका कहना था कि #अयोध्या में राममंदिर कभी था ही नहीं।
गवाह नं 63 आर एस शर्मा
गवाह नं 64 सूरज भान 
गवाह नं 65 डी एन झा 
गवाह नं 66 रोमिला थापर
गवाह नं 72 बी एन पाण्डेय 
गवाह नं 74 आर एल शुक्ला
गवाह नं 82 सुशील श्रीवास्तव 
गवाह नं 95 के एम श्री माली 
गवाह नं 96 सुधीर जायसवाल 
गवाह नं 99 सतीश चंद्रा 
गवाह नं 101 सुमित सरकार 
गवाह नं 102 ज्ञानेन्द्र पांडेय 
हलांकि #आर्केओलोजिकल_सर्वे_ऑफ़ इंडिया के रिपोर्ट के समय ही झूठ का #पोल खुल गया था और इन्होने इलाहबाद हाईकोर्ट में #स्वीकार किया था कि ये अपने #एसी रूम में बैठकर रामजन्मभूमि का इतिहास अपनी कल्पना से लिखा था न कि तथ्यों पर, फिर भी अब सच पूरी तरह सामने आ चुका है। 
मजेदार बात यह है कि इन्ही सरकारी इतिहासकारों को पढ़कर कर और रटकर मानकर हमारे यहाँ लोग #आईएएस बने। अंदाजा लगाइए #संस्कृति विरोधी इतिहास से प्राप्त ज्ञान से वे समाज को क्या परोसते रहे हैं। मास्टर कक्षा में भारत भविष्य को क्या बात रहे होंगे। भारतीय मूल्य को संकट अपने देश के भारतद्रोही, हिंदूद्रोही गुलाम बौद्धिकों ने पहुंचाई है।